मथुरा, फरवरी 16 -- लंबे समय से सुखाड़ (सूखा-पानी की कमी) झेल रहीं बुंदेलखण्ड (उप्र के झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर व मप्र के टीकमगढ़, छतरपुर, निवाड़ी) की धरती से करीब 500 जल सहेलियां यमुना को अविरल एवं निर्मल बनाने की मांग को लेकर पचनद धाम से लगभग 300 किमी की पदयात्रा करते हुए रविवार को धर्मनगरी वृंदावन पहुंचीं। यहां से यह यात्रा आगे बढ़ते हुए 26 फरवरी को दिल्ली के यमुना किनारे वासुदेव घाट पर सम्पन्न होगी। रविवार सुबह इन जल सहेलियों ने प्राचीन केसी घाट पर यमुना का पूजन अर्चन करते हुए यमुना शुद्धिकरण का संकल्प दोहराया। वही यमुना में व्याप्त फूल-पत्ती, अन्य पूजन सामग्री व गंदगी को भी यमुना की मुख्य जलधारा से बाहर निकाला। जल सहेली समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पा कुशवाहा ने वहां मौजूद लोगों से अपील भी की कि यहां आने वाले लोग यमुना नदी व घ...
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