नई दिल्ली, जनवरी 31 -- आज फरवरी की पहली तारीख है, यानी आम बजट का दिन। एक समय था, जब अखबार अपने पाठकों को आम बजट का अर्थ समझाया करते थे, लेकिन बदलते वक्त के साथ भारतीयों की आर्थिक समझ गहरी हुई है। अब वे बजट से छप्परफाड़ उम्मीदें रखने लगे हैं। इस बार अधिकांश भारतीय क्या चाहते हैं? उन्हें पूरा करने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष क्या चुनौतियां हैं? आइए, इन्हें सिलसिलेवार तरीके से समझने की कोशिश करते हैं। वेतनभोगियों को उम्मीद है कि आयकर का 'स्टैंडर्ड डिडक्शन' 75 हजार रुपये से बढ़ाकर कम से कम एक लाख कर दिया जाए। यही नहीं, धारा 87 ए के तहत 12 लाख रुपये की सीमा को 15 लाख करने की भी मांग उठ रही है। यह तब है, जब केंद्र सरकार ने पिछले ही साल इसे सात लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख किया था। देश की जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान करने वाले निचले ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.