नई दिल्ली, सितम्बर 28 -- सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में हाल ही में हुए रेप के मामलों और दिल्ली में चलती स्लीपर बस में नाबालिग के साथ हुए रेप की पर स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस घटना की तुलना निर्भया कांड से करते हुए नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा, 2012 की निर्भया घटना से इसक मामले की समानताएं देखे बिना नहीं रहा जा सकता। कोर्ट ने इन घटनाओं को कानून लागू करने वालों की नाकामी बताते हुए कहा है कि रोशनी की कमी, निगरानी ठीक से ना होना और ऐसी अन्य सुविधाओं के अभाव में सार्वजनिक जगह भी जोखिमभरी बन रही है। कोर्ट ने कहा, कि ये घटनाएं साफ़ तौर पर कानून लागू करने वाली एजेंसियों की नाकामी को दिखाती हैं। रोशनी की कमी, खराब निगरानी और दूसरी प्रशासनिक सुविधाओं के अभाव के कारण पार्क और बसों जैसी सार्वजनिक जगहों को ज़्यादा जोखिम वाली जगहें नहीं बनने द...