नई दिल्ली, दिसम्बर 21 -- नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। सरकार ने निजी अस्पतालों के लिए 'वेटिंलेटर बिलिंग नियमों' का पालन करना अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत अब अस्पतालों को मरीज को वेंटीलेटर पर रखने से पहले परिजनों की लिखित अनुमति लेनी होगी। साथ ही उन्हें इसका संभावित खर्च पहले से बताना होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, निजी अस्पतालों को 'वेंटिलेटर बिलिंग नियमों' का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा। अब कोई भी निजी अस्पताल मरीज को वेंटिलेटर पर रखने से पहले उसके परिवार से लिखित और स्पष्ट सहमति लेगा। डॉक्टर को यह बताना जरूरी होगा कि वेंटिलेटर क्यों लगाया जा रहा है, इससे क्या फायदा होगा, क्या जोखिम हैं और कितने समय तक इसकी जरूरत पड़ सकती है। साथ ही यह भी साफ-साफ बताना होगा कि आईसीयू और वेंटिलेटर का रोज का खर्च कितना आएगा...
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