वाराणसी, अप्रैल 22 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। उदीयमान कलाकारों को यदि समुचित मार्गदर्शन प्राप्त हो तो उनकी प्रस्तुति लाजवाब हो जाती है। इसका उदाहरण घाट संध्या के आयोजन में बुधवार की शाम दिखा। विदुषी पूनम आर.मिश्रा के निर्देशकीय कौशल का ही परिणाम रहा कि डीपीएस की छात्राओं के भरतनाट्यम में मनोहारी निखार दिखा।सुबह-ए-बनारस आनंद कानन की ओर से आयोजित घाट संध्या में पांच सदस्यीय नाट्य दल ने भरतनाट्यम की विशिष्टताओं को भाव-भंगिमाओं और मुद्राओं से प्रदशित किया। प्रस्तुति का आरंभ पुष्पांजलि से किया। इसके बाद देवाधिदेव महादेव को समर्पित नटेश कौत्वम में लयबद्ध पदचाप और रचना के भावानुसार अभिनय से दर्शकों को आनंदित किया। भगवान श्रीराम को समर्पित कीर्तनम् से नृत्य को विस्तार दिया।'नृत्य रंजनी' में नाट्य दल ने विशिष्ट नृत्यमुद्राओं के माध्यम से श्रीराम...
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