नई दिल्ली, जुलाई 13 -- हर्ष वी पंत,प्रोफेसर, किंग्स कॉलेज लंदन अमेरिका-ईरान युद्ध फिर उसी खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया, जहां से यह विश्व व्यवस्था के लिए सिर्फ मुश्किलें पैदा करेगा। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के इस एलान के बाद कि उनके पिता अली खामेनेई की हत्या का 'बदला लेना ही ईरानियों की ख्वाहिश' है, ईरानी सेना ने होर्मुज जलमार्ग को अगले आदेश तक बंद करने की घोषणा कर दी। इसके बाद उसने वहां से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले एक कारोबारी जहाज को निशाना बनाया, जिस पर 11 भारतीय क्रू मेंबर थे। भारत ने उचित ही इस हमले की कड़ी निंदा की है, पर इस पूरे घटनाक्रम के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया गौरतलब है। उन्होंने फिर से ईरान पर हमला बोल दिया है। एक हफ्ते में यह अमेरिका की तीसरी सैन्य कार्रवाई है। जवाब में ईरान ने...