कुशीनगर, जून 23 -- कुशीनगर। मिथिलेश द्विवेदी निर्जला एकादशी व भीमसेनी एकादशी व्रत गुरूवार को रखा जायेगा। इस वर्ष ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी तिथि का व्रत गुरुवार को है। इस एकादशी तिथि को स्वाति नक्षत्र एवं शिव योग मिल रहा है, जो अत्यंत ही शुभप्रद है। इस एकादशी का व्रत रखने से सभी एकादशियों के व्रतों के फल की प्राप्ति सहज ही प्राप्त हो जाती है। यह भी पढ़ें- कल दोपहर 2:42 बजे से लगेगी एकादशी तिथि, कल या परसों निर्जला एकादशी व्रत का मान्य कब?व्रत का महत्व महर्षि पाराशर ज्योतिष संस्थान के संस्थापक ज्योतिषाचार्य पं.राकेश पाण्डेय ने बताया कि एकादशी के सूर्योदय से द्वादशी के सूर्योदय तक जल न ग्रहण करने के कारण इसे निर्जला एकादशी कहते है। वर्ष की चौबीस एकादशियों में से ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी सर्वोत्तम मानी गयी है। यह भी पढ़ें- तीन शुभ योग के संयोग में मना...