नई दिल्ली, जून 6 -- nirjala ekadashi timing: ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ने वाला यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। मान्यता है कि निर्जला एकादशी का व्रत रखने से साल की सभी 24 एकादशियों का फल प्राप्त होता है। ऐसा कहा जाता है कि इस व्रत के करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, वो बैकुंठ धाम को जाता है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक बिना जल के व्रत करने से वर्ष भर की सभी एकादशियों का फल प्राप्त होता है। इस एकादशी को भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। यह एकादशी का व्रत जितना फलदायी है, उतना ही कठिन भी है।निर्जला एकादशी व्रत का पूरे सालभर तक लोग इंतजार करते हैं, क्योंकि यह व्रत पूरे साल की एकादशी का फल एकबार में दे देता है। यह भी पढ़ें- Nirjala ekadashi katha : आज भीम और व्यास मुनि वाली यह कथा निर्जला एकादशी पर...
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