बागपत, सितम्बर 15 -- नगर के कौशल भवन सभागार में आयोजित धर्म सभा में प्रवचन किए गए। जिसमें मुनि 108 नयन सागर ने कहा सेवा भाव से बड़ा कोई धर्म नहीं है। जिसे सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। धर्म सभा में प्रवचन करते हुए जैन मुनि ने कहा कि मनुष्य के जीवन में परोपकार का एक ऐसा सूत्र है, जो बहुत अच्छी तरह से निभा सकता है। त्रियच गति के जीवों की रक्षा करना ही सेवा है इस दौरान बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।
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