बिहारशरीफ, जुलाई 10 -- बिहारशरीफ, निज संवाददाता। नियोजित व विशिष्ट शिक्षकों के लिए टीईटी (टेट) यानि शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त होनी चाहिए। इसके लिए सरकार ठोस पहल करे। नवनियुक्त माध्यमिक/उच्च माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. गणेश शंकर पाण्डेय ने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा कि टेट के नाम पर शिक्षकों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सूबे के नियोजित व विशिष्ट शिक्षक 20 सालों से सेवा दे रहे हैं। 20 वर्षों वाद टीईटी की अनिवार्यता का निर्धारण अव्यवहारिक है। इससे प्रदेश के लाखों शिक्षक पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार व सर्वोच्च न्यायालय से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है। यह भी पढ़ें- टीईटी से राहत और पुरानी पेंशन बहाली की मांग

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