मुंगेर, जून 14 -- मुंगेर, एक संवाददाता। बिहार अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला सचिव सुरेश मालाकार ने पूर्व से नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने के फैसले पर पुनर्विचार की मांग उठाई है। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि, सर्वोच्च न्यायालय के हालिया आदेश के अनुसार शिक्षक बनने के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा और जिन शिक्षकों ने अब तक यह परीक्षा पास नहीं की है, उन्हें सितंबर 2028 तक अवसर दिया गया है। उन्होंने बताया कि, आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि, 55 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे शिक्षक, जो टीईटी उत्तीर्ण नहीं कर पाएंगे, उन्हें विभागीय प्रोन्नति से वंचित रखा जाएगा। इससे राज्य के लगभग 2.60 लाख शिक्षकों के सामने तकनीकी और व्यावहारिक संकट उत्पन्न हो गया है। संघ का कहना है कि, वर्...