मुजफ्फरपुर, फरवरी 3 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। नियुक्ति के 15-20 साल बाद 178 शिक्षकों की बहाली संदिग्ध मिल रही है। सक्षमता परीक्षा-पांच के लिए आए आवेदनों की जांच में यह बात सामने आई है। सूबे में 200 से अधिक आवेदन ऐसे आए हैं, जिनमें कोई भी प्रमाणपत्र नहीं दिया गया है। इन शिक्षकों ने सक्षमता परीक्षा- पांच में शामिल होने के लिए आवेदन तो कर दिया, मगर संबंधित शैक्षणिक और प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्र नहीं लगाया। जिन 178 आवेदकों की बहाली संदिग्ध के दायरे में है, इसमें 45 आवेदन बोर्ड ने रद्द कर दिए हैं, क्योंकि उनमें कई तरह की गड़बड़ी थी। इसके अलावा 133 आवेदनों के जांच के आदेश दिए हैं और सभी प्रमाणपत्रों की जांच कर रिपोर्ट मांगी है। संदिग्ध शिक्षकों के विभिन्न प्रमाणपत्रों के फर्जी होने की जांच हो रही है। संदिग्ध मिले शिक्षक 2005, 2006 से लेकर 2...
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