भागलपुर, दिसम्बर 23 -- भागलपुर,वरीय संवाददाता। नवनियुक्त सिपाही और सीधे भर्ती हुए दारोगा को पुलिस विभाग ज्वाइन करने के पांच साल तक बॉडीगार्ड नहीं बनाया जाएगा। इसको लेकर डीजीपी विनय कुमार ने भागलपुर सहित सभी जिलों को निर्देश दिया है। सभी रेंज के आईजी एवं डीआईजी को भी आदेश का पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है। पुलिस विभाग में आने के बाद नवनियुक्त सिपाही व दारोगा को बॉडीगार्ड बनाए जाने और इसको लेकर आग्रह पत्र मिलने की बात सामने आने के बाद डीजीपी ने सख्ती दिखाई है। पांच साल की सेवा के बाद कार्यालय में भी प्रतिनियुक्ति बॉडीगार्ड नहीं बनाए जाने के आदेश से पहले ही नवनियुक्त दारोगा व सिपाही को पांच साल तक कार्यालय ड्यूटी से भी अलग रखने का निर्देश दिया जा चुका है। यह साफ कर दिया गया है कि किसी दारोगा या जवान की प्रतिनियुक्ति किसी कार्यालय या इकाई...