आजमगढ़, मार्च 16 -- सगड़ी,हिन्दुस्तान संवाद। संसार की पूरी प्रकृति नियम से चलती है। नियम से ही सूरज निकलते हैं। नियम से ही चंद्रमा का पक्ष बदलता है। नियम के कारण ही दिन और रात होते हैं। हमारे सनातन सदग्रंथ कहते हैं कि नियम से ही प्रेम दृढ़ होता है।हरसिंहपुर शक्तिपीठ मां श्री शीतला धाम में पूर्णाहुति के दिन श्रीराम कथा का श्रवण करते हुए प्रेमभूषण जी महाराज ने कहा कि भारत की भूमि भागवत कृत देश है। इस भूमि में जन्म लेना सौभाग्य है। यहां भजन का आनंद, भक्ति का रस और यज्ञ आहुतियों का सुवास हर युग में बना रहा है। धरती के किसी और भूभाग में ऐसी सुगंध देने वाली मिट्टी भी आपको नहीं मिलती है।सुंदर कांड, लंकाकांड और श्री राम राज्याभिषेक से जुड़े प्रसंग की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अगर अपने जीवन में पछतावे से बचना है तो मन में जैसे ही कोई शुभ संकल्प ...
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