गोरखपुर, अप्रैल 8 -- देवरिया, निज संवाददाता। नियम कानून ताक पर रखकर निजी स्कूल अनधिकृत पाठ्य पुस्तकों से पढ़ाई करा रहे हैं। ये पाठ्य पुस्तकें एनसीईआरटी के मुकाबले कई गुना महंगी हैं। कमीशन के चक्कर में बेवजह अभिभावक पीस रहे हैं। प्रशासन की उदासीनता के चलते निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम नहीं लग पा रही है। जिले में करीब सात सौ निजी स्कूल संचालित हैं। इनमें से कई स्कूलों में कक्षा नौ से बारह तक की पढ़ाई होती है। निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों का जमकर आर्थिक शोषण किया जा रहा है। स्कूल में एडमिशन फीस से लेकर ड्रेस-कॉपी किताब सभी में लूट मची है। विशेषज्ञों की मानें तो एनसीईआरटी के किताबें बहुत अच्छी हैं। इसके बावजूद कमीशन के चक्कर में निजी स्कूल अनधिकृत किताबें चला रहे हैं। इससे अभिभावक परेशान हैं। यूपी बोर्ड की कक्षा 9-10 तक की पूरी किताबें 393...