बुलंदशहर, जनवरी 28 -- बुलंदशहर। जहांगीराबाद में आशा कार्यकर्ता की बड़ी लापरवाही के चलते नवजात शिशु की जान चली गई। परिजनों ने आशा कार्यकर्ता और आरोपी दाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं परिजनों ने आशा पर आरोप लगाया है कि कमीशन के चक्कर में उन्हें सरकारी के बजाय झोलाछाप के यहां ले जाया गया। नियमों को ताक पर रखकर जमीला घर में ही अवैध प्रसव केंद्र चल रही थी जिसमें न तो प्रशिक्षित डॉक्टर थे और न ही प्रसव से संबंधित पर्याप्त उपकरण थे। गर्भवती महिला की जान जोखिम में डाली गई हालत बिगड़ने पर आरोपी मौके से फरार हो गई। बड़ा सवाल यह है कि कई वर्षों से यह अवैध प्रसव केंद्र संचालित हो रहा था तो स्वास्थ्य विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। वहीं पुलिस ने आरोपी महिलाओं की धर पकड़ तेज कर दी है। गौरतलब है कि जहांगीराबाद के गांव रूठा निवासी झम्मन की पत्नी को...
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