गोंडा, मार्च 26 -- गोण्डा, संवाददाता। यूपी बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य के दौरान परीक्षकों के लिए निर्धारित जलपान व्यय व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। मूल्यांकन केंद्रों पर तैनात कई परीक्षकों का कहना है कि उन्हें निर्धारित जलपान सुविधा के बजाय केवल सादा पानी ही उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि इसके लिए शासन स्तर से बजट आवंटित किया जाता है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं के बाद कॉपियों के मूल्यांकन के लिए शिक्षकों की ड्यूटी विभिन्न केंद्रों पर लगाई जाती है। नियमों के अनुसार मूल्यांकन के दौरान परीक्षकों को चाय, नाश्ता और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसके लिए प्रति परीक्षक प्रतिदिन जलपान मद में 25 रुपए धनराशि भी निर्धारित होती है। जिले में हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। कई शिक्षकों ने नाम न छ...