जमुई, मार्च 10 -- बरहट, निज संवाददाता प्रखंड की लाइफ लाइन मानी जाने वाली किउल नदी अब बालू कारोबारियों के लिए सोने की खान बन चुकी हैं। इस नदी की कोख को बेरहमी से खाली कर बालू सौदागर दिन-रात उत्खनन में जुटे हैं। इतना ही नहीं खनन नियमों की अवहेलना कर संवेदक द्वारा तय मानकों से अधिक बालु की निकासी किया जा रहा हैजिससे स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश है।ग्रामीणों ने बताया की मलयपुर थाना क्षेत्र के कटौना नदी घाट संख्या क्लस्टर-14 में इन दिनों खनन विभाग के नियमों को खुली चुनौती दी जा रही है। तय मानक से कई गुना अधिक करीब 10 फीट से भी ज्यादा गहराई तक बालू का उठाव किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन की सीमा लांघकर प्रतिबंधित क्षेत्रों में भी पोकलेन मशीनों से बालू निकाला जा रहा है। हालात यह है कि नदी के बीचों-बीच बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं और नदी प...