मुंगेर, मई 10 -- ​मुंगेर, निज संवाददाता / त्रिपुरारी मिश्रा। जिले में 'दीपक तले अंधेरा' वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। एक ओर जहां जिला स्वास्थ्य विभाग आए दिन पीसीपीएनडीटी (गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक) एक्ट का हवाला देकर निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापेमारी और सीलिंग की कार्रवाई करता है, वहीं दूसरी ओर मुंगेर का सदर अस्पताल खुद इन नियमों को तार-तार कर रहा है। विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि सदर अस्पताल का अल्ट्रासाउंड केंद्र आज भी उस चिकित्सक के नाम पर निबंधित है, जो चार साल पहले ही नौकरी से इस्तीफा देकर जा चुके हैं।

सालों से एक्स-रे टेक्नीशियन कर रहा अल्ट्रासाउंडः नियमों के मुताबिक, जिस चिकित्सक के नाम पर केंद्र का निबंधन होता है, उसी विशेषज्ञ को जांच करना अनिवार्य है। लेकिन सदर अस्पताल में पीसीपीएनडीटी एक्ट की खुलेआम उल...