जौनपुर, जून 25 -- जौनपुर, कार्यालय संवाददाता। दिल्ली अग्निकांड हो या मुखर्जीनगर बेसमेंट में पिछले साल हुआ हादसा। इन घटनाओं के बाद नियम बना कि बेसमेंट में अस्पताल आदि का संचालन नहीं होगा। नियम भी बनें, कार्रवाई के लिए दो-चार दिन जांच पड़ताल भी हुई, लेकिन समय बीतने के साथ ही अफसर मौन हुए तो संचालकों की मनमानी शुरू हो गई। अब जब लखनऊ में भीषण अग्निकांड हुआ तो फिर से जांच शुरू हुई है। अब परत दर परत लापरवाही के किस्से सामने आ रहे हैं। कहीं बेसमेंट में अस्पताल तो कहीं कोचिंग आदि का संचालन होता मिला। बुधवार को दूसरे दिन भी जिले के सभी तहसील क्षेत्रों में अभियान चलाया गया। उप जिलाधिकारियों के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान कुल 17 कोचिंग, लाइब्रेरी और हॉस्पिटलों की जांच हुई। इस दौरान मछलीशहर के चुंगी तिराहे पर बेसमेंट में संचालित हॉस्पिटल क...