प्रयागराज, अप्रैल 6 -- Allahabad Highcourt: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि अनुदानित संस्थानों में कार्यरत कार्यवाहक प्रधानाचार्य बिना किसी अतिरिक्त राहत, नियमित प्रधानाचार्य को मिलने वाले वेतन के हकदार हैं। कोर्ट ने कहा कि नियमित प्रधानाचार्य की नियुक्ति तक उन्हें कार्य करने का अधिकार है लेकिन नियमित नियुक्ति के आते ही पद छोड़ना होगा। यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह एवं न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने पांच विशेष अपीलों को स्वीकार करते हुए दिया है। तीन महीने में पद के वेतन का भुगतान का आदेश देते हुए कोर्ट ने यह भी कहा कि अपीलार्थी तब तक पद पर बने रहेंगे, जब तक नियमित नियुक्ति नहीं होती। कोर्ट ने धनेश्वर सिंह चौहान बनाम डीआईओएस, नर्मदेश्वर मिश्र बनाम डीआईओएस, सालोमन मोरार झा बनाम डीआईओएस देवरिया के...