सहारनपुर, फरवरी 26 -- उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ ने मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन को संबोधित ज्ञापन देकर संविदा, आउटसोर्स व दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने और रिक्त पदों को स्थायी आधार पर भरने की मांग उठाई। महासंघ ने पीएफआरडीए अधिनियम निरस्त कर एनपीएस/यूपीएस समाप्त करने तथा एनपीएस में जमा राशि राज्य सरकार को लौटाने की मांग की। चारों श्रम संहिताएं वापस लेने, पीएसयू के निजीकरण व डाउनसाइजिंग रोकने पर भी जोर दिया गया। ज्ञापन में 8वें वेतन आयोग की संदर्भ शर्तों की समीक्षा, हर पांच वर्ष में वेतन संशोधन, न्यूनतम मूल वेतन पर 10% अंतरिम राहत, कर्मचारियों-पेंशनरों व संविदाकर्मियों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति व अनिवार्य टीईटी आदेश वापस लेने तथा लंबित डीए/डीआर बकाया सहित जारी करने की मांग की। ...