पाकुड़, अप्रैल 30 -- पाकुड़, प्रतिनिधि। सरकार सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण इसलिए करती है, ताकि जनता को सुविधा मिले और सरकारी खजाने में राजस्व आए। लेकिन पाकुड़ नगर परिषद क्षेत्र के महात्मा गांधी बस स्टैंड में स्थित कौशल विकास केंद्र व सामुदायिक शौचालय का मामला इसके ठीक उलट है। यहां विभाग की कथित दरियादिली और मिलीभगत का एक ऐसा खेल चल रहा है, जहां नियम-कानून ताक पर हैं। जानकारी के अनुसार यह केंद्र और शौचालय वर्ष 2018-19 की योजना है। नियमानुसार सरकारी शौचालय का संचालन टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। लेकिन यहां बिना किसी निविदा के इसे निजी हाथों में सौंप दिया गया है। विभाग के बड़ा बाबू जय बर्मन का कहना है कि इसे कोई एनजीओ चलाता है, जबकि मौके पर तैनात केयरटेकर शाहिद का कहना है कि उसे नगर परिषद ने रखा है और उसे ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.