प्रयागराज, मार्च 25 -- प्रयागराज। एक अप्रैल से शुरू हो रहे नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में निजी स्कूलों में फीसवृद्धि के खिलाफ अधिवक्ताओं ने मंगलवार को जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया। वक्ताओं का कहना है कि प्राइवेट स्कूलों में प्रतिवर्ष 15 से 20 प्रतिशत फीस वृद्धि हो रही है। सरकारी स्कूलों का हाल बद से बदतर होता चला जा रहा है। आज 50 फीसदी आंगनवाड़ी स्कूल सिर्फ कागजों में चल रहे हैं। प्राइवेट स्कूलों में आज शिक्षा के अलावा कॉपी किताब ड्रेस और तो और फ्रेंचाइजी तक बेची जा रही है। मांगी की कि निजी स्कूल में नियमित शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थी से प्रतिवर्ष एडमीशन फीस नहीं लिया जाना चाहिए। उच्च व मनमानी फीस वृद्धि बन्द हो, महंगी व गुणवत्ताविहीन किताबों के स्थान पर एनसीईआरटी की किताबें लागू हो, शिक्षा का व्यससायीकरण एवं निजीकरण बन्द हो। ज्ञापन देन...