गिरडीह, अप्रैल 10 -- जमुआ, प्रतिनिधि। प्रखंड में नए शैक्षणिक सत्र के साथ ही निजी स्कूलों में किताबों की कीमतों ने अभिभावकों की कमर तोड़ दी है। प्राइमरी कक्षा तक के किताब सेट पांच हजार से अधिक, छठी से आठवीं कक्षा की किताबों का पूरा सेट करीब आठ हजार रुपए में मिल रहा है। जबकि आगे की कक्षाओं के लिए पूरा सेट 15 हजार पार कर गया है। शिक्षा अब जरुरत से ज्यादा महंगी होती जा रही है। जिससे खासकर मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक दबाव पड़ रहा है। स्थिति यह है कि कक्षा छह में हिंदी की एनसीआरटी किताब की कीमत जहां मात्र 65 रूपये है वहीं उस विषय के व्याकरण के निजी प्रकाशकों की किताब की कीमत लगभग छह सौ रूपये हो गई है। संस्कृत की एनसीआरटी किताब 50 रूपये की है लेकिन निजी प्रकाशकों की पुस्तक 439 रूपये में दी जा रही है। अंग्रेजी में 40 ...