पाकुड़, अप्रैल 13 -- निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही कथित मनमानी और अवैध वसूली के खिलाफ राष्ट्रीय संगठन 'रामभक्त सेवा दल' ने अब राज्य स्तर पर पहल शुरू कर दी है। शनिवार को संगठन ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और शिक्षा सचिव के साथ-साथ जिले के उपायुक्त व शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र के साथ हाल ही में चलाए गए हस्ताक्षर अभियान की प्रतियां भी संलग्न की गई हैं। ​संगठन के जिला अध्यक्ष सनातनी रतन भगत ने कहा कि जिला प्रशासन को पूर्व में सूचित करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखने पर मजबूर हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन 'री-एडमिशन' का नाम बदलकर अन्य मदों में अवैध शुल्क वसूल रहे हैं। बच्चों के अभिभावकों से भवन मेंटेनेंस और स्मार्ट बोर्ड तक के पैसे लिए जा ...