रुडकी, अप्रैल 7 -- नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही निजी स्कूलों की मनमानी भी सामने आने लगी है, जिससे अभिभावकों में भारी नाराजगी है। उन्होंने अधिकारियों को पत्र भेजकर ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि निजी स्कूलों में समिति की अनुमति से ही अधिकतम दस प्रतिशत फीस बढ़ाई जा सकती है, लेकिन यहां नियमों का पालन नहीं किया जाता और हर साल मनमाने तरीके से फीस बढ़ा दी जाती है। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि उन्हें महंगी किताबें और ड्रेस एक ही निर्धारित दुकान से खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

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