मधुबनी, अप्रैल 9 -- शैलेंद्र कुमार मधुबनी। जिले में निजी स्कूलों द्वारा किताब, ड्रेस और अन्य शुल्क में मनमानी वसूली को लेकर नौ अप्रैल को हिन्दुस्तान में प्रमुखता से प्रकाशित खबर के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। 'बच्चों की पढ़ाई जारी रखने को कर्ज लेने को अभिभावक मजबूर' शीर्षक से छपी खबर के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है। डीएम आनंद शर्मा ने इसके लिए निर्देश जारी किया है। जारी आदेश में बताया गया है कि निजी विद्यालयों की ओर से री-एडमिशन, ड्रेस, पुस्तक, विकास शुल्क और वार्षिक शुल्क के नाम पर अत्यधिक वसूली किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा का व्यवसायीकरण एक गंभीर और आपत्तिजनक प्रवृत्ति है, जिस पर रोक लगाना जरूरी है।प्रावधान अनुपालन का दिया आदेशडीएम ने सभी निजी विद्यालयों को शिक्षा का अधिकार अधि...