नई दिल्ली, जुलाई 3 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। हाईकोर्ट ने दिल्ली प्रोफेशनल कॉलेज या इंस्टीट्यूशंस नियमों की वैधता को बरकरार रखा है। कोर्ट ने कहा कि निजी गैर-सहायता प्राप्त व्यावसायिक संस्थान 10 फीसदी प्रबंधन कोटा सीटों पर प्रवेश के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) पास उम्मीदवारों में से अपनी अलग मेरिट सूची तैयार कर सकते हैं। मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने कहा कि यह नियम दिल्ली प्रोफेशनल कॉलेज या इंस्टीट्यूशंस अधिनियम 2007 की योजना के अनुरूप है। उसके किसी प्रावधान का उल्लंघन नहीं करता। यह फैसला जस्टिस फॉर ऑल की तरफ अधिवक्ता खगेश बी झा व अधिवक्ता शिखा शर्मा बग्गा द्वारा दायर जनहित याचिका पर आया है। यह भी पढ़ें- BTech : बीटेक बीई दाखिले की काउंसिलिंग 6 जुलाई से, JEE Main स्कोर से एडमिशन, अहम त...