नई दिल्ली, सितम्बर 21 -- सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों को मुनाफा कमाने वाली संस्थाओं के तौर पर काम करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी करते हुए देशभर के निजी विश्वविद्यालयों को अपने पिछले 5 सालों के ऑडिटेड वित्तीय रिकॉर्ड की जानकारी देने का आदेश देते हुए यह टिप्पणी की है। शीर्ष अदालत ने इसके अतिरिक्ति निजी विश्ववद्यम्यन को इस समय अवधि में धन के इस्तेमाल, फीस का ढांचा, सरप्लस इन्वेस्टमेंट और उन लोगों को किए गए भुगतान की जानकारी भी देने को कहा है जो सीधे तौर पर शैक्षणिक कामों से जुड़े नहीं हैं। न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने केंद्र सरकार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि वे संबंधित विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से जानकारी लेकर अपने मुख्य सचिवों...