हाजीपुर, मार्च 19 -- टीबी और डीआर टीबी की समय पर पहचान और सही प्रबंधन सुनिश्चित करने में निजी चिकित्सकों की भूमिका अहम सिविल सर्जन डॉ. श्याम नंदन प्रसाद ने कहा कि क्षय रोग के अधिकांश मरीज प्रारंभ में निजी अस्पताल में ही पहुंचते हैं हाजीपुर, एक प्रतिनिधि प्राइवेट स्वास्थ्य सेक्टर में ड्रग रेजिस्टेंस ट्यूबरक्लोसिस (डीआर-टीबी रोग) के प्रबंधन को बेहतर करने को क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। स्थानीय अनवरपुर स्थित एक होटल के सभागार में आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए सिविल सर्जन डॉ. श्याम नंदन प्रसाद ने कहा कि क्षय रोग के अधिकांश मरीज प्रारंभ में निजी क्लीनिक व प्राइवेट सेक्टर के हॉस्पीटलों में ही इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसलिए टीबी और डीआर टीबी की समय पर पहचान और सही प्रबंधन सुनिश्चित करने में निजी चिकित्सकों की भूमिका अहम है।...