नई दिल्ली, फरवरी 18 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि लड़की के ब्रेस्ट पकड़ना और पायजामे का नाड़ा खोलना दुष्कर्म के प्रयास का अपराध है। शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस विवादित फैसले को रद्द करते हुए यह टिप्पणी की है, जिसमें कहा गया था कि नाबालिग लड़की के ब्रेस्ट को पकड़ना, उसे पुलिया के नीचे खींचना और उसके पायजामे का नाड़ा खोलना 'दुष्कर्म की कोशिश' नहीं, बल्कि सिर्फ 'तैयारी' थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और एनवी अंजारिया की पीठ ने अपने फैसले में कहा है कि 'उच्च न्यायालय ने तय आपराधिक कानून के सिद्धांतों का गलत इस्तेमाल व व्यख्या किया है। इसके साथ ही, पीठ ने मामले में कासगंज के विशेष जज द्वारा जून 2023 को आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 के तहत जारी किए गए मूल समन को, जिसे...