वाराणसी, मार्च 10 -- वाराणसी। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से मंगलवार को इलेक्ट्रिसिटी (संशोधन) बिल 2025 के विरोध में पूर्वांचल के सभी बिजली कार्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी (संशोधन) बिल 2025 का मुख्य उद्देश्य बिजली वितरण के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निजीकरण को बढ़ावा देना और सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को कमजोर करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस बिल के गंभीर परिणाम देश के किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और बिजली कर्मचारियों पर पड़ेंगे। प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार पांच वर्षों के भीतर क्रॉस-सब्सिडी समाप्त करने से कृषि उपभोक्ताओं के बिजली दरों में भारी वृद्धि होगी। वर्तमान में सिंचाई के लिए रियायती बिजली पाने वाले किसानों को अधिक बिजली शुल्क देना पड़ेगा, जिससे कृषि उत्पादन लागत बढ़ेग...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.