लखनऊ, दिसम्बर 9 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि विद्युत संशोधन अधिनियम केवल निजीकरण के लिए लाया जा रहा है। संगठन ने कहा कि इसका बड़े पैमाने पर विरोध किया जाएगा। इस संबंध में 14 दिसंबर को दिल्ली में बैठक होगी, जिसमें आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। संशोधन बिल के खिलाफ आंदोलन में बिजली कर्मचारियों के साथ ही किसान संगठन और ट्रेड यूनियन भी शामिल होंगी। संघर्ष समिति ने संयोजक शैलेंद्र दुबे ने बताया कि किसान संगठनों और ट्रेड यूनियनों को इस संबंध में पत्र भेजे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि बैठक में आगे के संघर्ष कार्यक्रमों की घोषणा की जाएगी।
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