लखनऊ, अप्रैल 11 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के खिलाफ चल रहे बिजली कर्मचारियों के आंदोलन को रविवार को 501 दिन पूरे हो जाएंगे। इस अवसर पर लखनऊ में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले पावर सेक्टर के 16 प्रमुख श्रम संघों एवं सेवा संगठनों की केंद्रीय कार्यकारिणी की संयुक्त बैठक एवं आमसभा होगी। इसमें आंदोलन के दौरान बिजली कर्मियों पर की गई उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों के खिलाफ निर्णायक रणनीति बनाई जाएगी और आगामी प्रदेशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि 19 मार्च 2023 को ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा द्वारा स्पष्ट निर्देश के बावजूद पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने अब तक किसी भी उत्पीड़नात्मक कार्रवाई को वापस नहीं लिया है। इससे हजारों कर्मचारियों के वेतन, पद...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.