गाज़ियाबाद, मार्च 14 -- कलंक के खिलाफ गाजियाबाद, वरिष्ठ संवाददाता।महापौर के फर्जी हस्ताक्षर कर विवाह या अन्य आयोजन के लिए सामुदायिक केंद्र की बुकिंग कराने का खुलासा हुआ है। आरोप है कि नगर निगम के संपत्ति विभाग और महापौर कार्यालय में तैनात दो कर्मचारी कई माह से इस तरह बुकिंग करा रहे थे। प्राथमिक जांच के बाद दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया।शहरी क्षेत्र में निगम के कई सामुदायिक केंद्र हैं। विवाह समारोह या अन्य कार्यक्रम के लिए बुकिंग कराई जाती है। निगम ने जीएसटी के अलावा करीब 11 हजार रुपये किराया तय किया है। हालांकि, महापौर को अधिकार है कि जिस किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है वह किराये में पांच हजार से लेकर छह हजार रुपये तक की छूट कर सकती हैं। इसके लिए महापौर की तरफ से संपत्ति विभाग को पत्र भेजा जाता है। आरोप है कि महापौर...