प्रयागराज, जुलाई 3 -- Allahabad Highcourt: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निकाह हलाला और बहु-विवाह के नाम पर एक महिला के यौन उत्पीड़न और शोषण से जुड़े गंभीर मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर एवं न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने आरोपियों की याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि मामले में गहन जांच की जरूरत है, इसे शुरुआती स्तर पर रद्द नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि यह मामला समाज के उस हिस्से की तस्वीर पेश करता है जो समानता, गोपनीयता व व्यक्तिगत सम्मान जैसे संवैधानिक मूल्यों और आकांक्षाओं से कोसों दूर है। रिकॉर्ड पर आए तथ्य आत्मा को झकझोर देने वाले हैं। कोर्ट ने पर्सनल लॉ की आड़ लेने वाले आरोपियों को कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि ​देश के आपराधिक कानून में व्यक्तिगत कानूनों को ढाल बनाकर किसी अपराध (विशेषकर य...