नई दिल्ली, नवम्बर 17 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र सरकार से कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक न हो। अदालत ने चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि अदालत की शक्तियों का इम्तिहान न लिया जाए, यदि आरक्षण सीमा का उल्लंघन हुआ, तो चुनाव रोक दिया जाएगा। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव 2022 की जे. के. बांठिया आयोग की रिपोर्ट से पहले की स्थिति के अनुसार ही कराए जा सकते हैं, जिसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणियों में 27 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश की गई थी। राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अनुरोध पर पीठ ने मामले की सुनवाई 19 नवंबर के लिए तय की, लेकिन राज्य सरकार से कहा कि वह 50 प्रतिशत सीमा से आगे न बढ़े। शीर्ष अदालत ने कहा कि अगर दल...
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