पीलीभीत, अगस्त 21 -- कुत्तों को पकड़ने के लिए बिना संसाधन और बिना तैयारियों के हर कोई बच रहा है। हैरानी बात यह है कल तक छोटी रही समस्या अब बढ़ने लगी है। पर इसके बाद भी सुरक्षा और निगरानी का तंत्र शिथिल पड़ा है। आलम यह है आहिस्ता आहिस्ता जिले में 2246 कुत्ते हो गए हैं। पर अब तक पालतू कुत्तों को लेकर तंत्र विकसित नहीं हो पाया है। जिले में शहर हो अथवा ग्रामीण अंचल यहां निकायों से लेकर ग्राम पंचायत और जिला पंचायत तक के पास ऐसे संसाधन नहीं है कि वे कुत्ते अथवा बंदरों को पकड़ सकें। अलबत्ता आवारा गोवंशों के लिए तो जब तब अभियान चला है। पर इसकी समस्या अब तक बनी हुई है। पिछले दिनों कुत्ते के हमले में घायल गणपतिपुरम निवासी एक बच्चे को कुत्ते ने घायल किया था। उसमें तहरीर दी गई थी। यही नहीं निकायों अथवा जिला प्रशासन और यहां तक कि जिला पंचायत और ग्राम ...
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