नई दिल्ली, अक्टूबर 22 -- शनि यानी न्याय करने वाले देवता और शनि आपके कर्मों के देवता हैं। आने जो किया है वो आपको भरना पड़ेगा। अच्छा किया है तो अच्छा होगा और बुरा किया है तो बुरा होगा। ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह को इसलिए ही कर्मफलदाता कहा गया है। शनि की साढ़ेसाती से आप डरते हैं, ढैय्या से आप डरते हैं, शनि का महादशा भी कठिन होती है, लेकिन अभी हम बात करेंगे, शनि की ऐसा स्थिति की जो इन तीनों से अलहै है और उस स्थिति में आपको साढ़ेसाती, महादशा से भी अधिक परेशानी या अच्छाई का सामना करना पड़ सकता है। शनि की साढ़ेसाती जहां साढ़ेसात साल के बाद पीछा छोड़ देती हैं, ढैय्या ढ़ाई साल में पीछा छोड़ देती है। लेकिन शनि की यह स्थिति बहुत खास होती है। जिसमें शनि के चरणको बहुत खास माना जाता है। यहां हम आपको इसके बारे में बताएंगे भी और यह भी बताएंगे की इसमें ...