मुख्य संवाददाता, जुलाई 15 -- बिहार की राजधानी पटना में रहने वाली सिर से जुड़ी सबा और फराह को तीन महीने से दवाएं नहीं मिली हैं। वह अपना दर्द बयां तो करती हैं, लेकिन उनकी आवाज छोटे से कमरे में ही दबकर रह जाती है। वह घूमना-फिरना चाहती हैं, हज पर भी जाने की चाहत है। वह हर वह काम करना चाहती हैं, जो एक सामान्य व्यक्ति करता है। लेकिन अफसोस कि वह यह सब नहीं कर पा रहीं। दोनों बहनों को स्वस्थ रखने के लिए हर दिन छह तरह की दवाएं दी जानी हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पटना सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से इन्हें यह दवाएं उपलब्ध कराई जाती थीं पर परिवार वाले सिविल सर्जन कार्यालय का चक्कर लगा रहे पर उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। यानी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी कोई असर नहीं है। पटना के राजा बाजार के समनपुरा की रहने वाली सबा और फराह अब 23 साल की हो चुकी है...