ना अमेरिका से डर और ना दबाव में रिश्ते, ब्रिक्स से भारत ने दुनिया को दे दिया बड़ा संदेश
नई दिल्ली, सितम्बर 13 -- पंकज कुमार पांडेय बार-बार कहा जा रहा है कि दुनिया का ऑर्डर यानी व्यवस्था बदल रही है। शक्ति संतुलन नए सिरे से परिभाषित होने की प्रक्रिया में है और आने वाला दौर पहले की तुलना में कहीं अधिक बहुध्रुवीय हो सकता है। ऐसे में भारत को महाशक्तियों के बीच रणनीतिक संबंधों, व्यापारिक हितों और राष्ट्रीय हितों के बीच संतुलन साधना है। ब्रिक्स की बैठक ने भारत के इसी संतुलन और उसकी कूटनीतिक स्वतंत्रता को दुनिया के सामने एक बार फिर स्पष्ट किया है। भारत ने रूस और ईरान के साथ-साथ चीन से भी अपने रिश्तों को पुनर्परिभाषित करते हुए स्पष्ट किया कि राष्ट्र प्रथम ही भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिप्लोमेसी और पर्सनल केमिस्ट्री का केंद्र बिंदु है। ब्रिक्स में रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान सहित अन्य...
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