बरेली, अप्रैल 2 -- मीरगंज, संवाददाता। विलुप्त होने की कगार पर पहुंची नाहल नदी को प्रशासन शीघ्र ही पुनर्जीवित करेगा। एसडीएम ने कार्ययोजना बनाने को विभिन्न विभागों की टीमों के साथ नदी का स्थलीय निरीक्षण किया। एसडीएम ने राजस्व टीम को नदी का सीमांकन करने के निर्देश दिए।प्रदेश शासन ने गत वर्ष हर जिले में झील व एक नदी को पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए थे। बरेली में इस योजना में आंवला तहसील में लीलौर झील एवं मीरगंज की नाहल नदी को चिह्नित किया था। प्रशासन ने लीलौर झील को पुनर्जीवित कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया। लेकिन मीरगंज में नाहल नदी का कार्य शुरू होते ही बारिश शुरू हो गई थी। जिससे नदी पुनर्जीवित नहीं हो सकी थी। नदी को पुराने स्वरूप में लौटाने को एसडीएम ने राजस्व विभाग, पंचायत विभाग व विकास विभाग के अधिकारियों संग नदी का बुधवार को निर...