मथुरा, अप्रैल 13 -- वृन्दावन में केशी घाट पर करीब 400 से अधिक नावों व मोटरबोट का संचालन हो रहा है, लेकिन इनकी व्यवस्था को देखने वाला कोई नहीं है। जिम्मेदार लोगों की यही लापरवाही भी इस नाव हादसे का कारण मानी जा सकती है। पूर्व में नगर पालिका परिषद के जमाने में नगर पालिका द्वारा सभी नावों से वार्षिक कर लिया जाता था, लेकिन अब नगर निगम बनने के बाद यह व्यवस्था बंद हो गयी है। वृंदावन में दिन प्रतिदिन नावों की संख्या बढ़ती चली गई, लेकिन इनकी व्यवस्था रजिस्ट्रेशन, घूमने वाले सैलानी आदि की सुरक्षा सुविधाओं की सुध लेने वाला कोई नहीं है। नाविक मेघश्याम ने बताया कि नाविकों में आपस में विवाद न हो इसलिए नाविकों ने नावों के सुचारु संचालन के लिए सभी नावों व मोटरबोट के करीब बीस ग्रुप बना रखे हैं। प्रत्येक ग्रुप में 25 से 30 नाव व मोटरबोट रहती हैं। दिन के हि...
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