मैनपुरी, मार्च 21 -- नेताजी सुभाष चंद्र बोस फाउंडेशन द्वारा अज्ञात शवों को अंतिम संस्कार कर मानवता की मिशाल पेश की जा रही है। शनिवार को 52वें अज्ञात शव का अंतिम संस्कार विधि विधान से किया गया। संस्था का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ अंतिम संस्कार करना नहीं, बल्कि यह संदेश देना है कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है। कोतवाली क्षेत्र के करहल चौराहे पर तीन दिन पूर्व नाले में एक अज्ञात शव मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और पहचान के प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। पुलिस ने शव के शिनाख्त के प्रयास किया लेकिन सबकी शव की शिनाख्त नहीं हो सकी। 72 घंटे बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और फाउंडेशन के लोगों से संपर्क किया। फाउंडेशन के सदस्यों ने पूरे धार्मिक रीति रिवाज से शमशान घाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिवगंत आत्मा की ...