मिर्जापुर, मार्च 7 -- मिर्जापुर। होली के रंग भले ही उतर गए हों, लेकिन शहर की व्यवस्था पर लगे दाग बरकरार है। जिन सड़कों पर होली के दिन रंग, उमंग और उत्सव की मस्ती थी, अब गंदगी, जाम नालियां, फिसलन भरी सड़कें और अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। उत्सव केवल मनाने का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने का भी अवसर है। रंगों का पर्व हर वर्ष आता रहेगा, लेकिन शहर की पहचान इस बात से होगी कि उत्सव के बाद वह खुद को कितनी जल्दी और व्यवस्थित तरीके से संभाल पाता है। रंग, उमंग, भाईचारे और उत्साह का प्रतीक होली समाप्त होते ही शहर धीरे-धीरे सामान्य दिनचर्या की ओर लौटने लगा। जहां होली पर रंगों की बौछार और उत्सव का उल्लास दिखाई दे रहा था, वहीं अब हालात विद्रुप दिख रहे हैं। नगर के अनगढ़ रोड पर 'हिन्दुस्तान' से चर्चा के दौरान कृष्ण कुमार ऊमर ने कहा कि ...