पटना, अप्रैल 17 -- भाकपा (माले) के राज्य सचिव कुणाल ने आरोप लगाया कि नालंदा में मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) के आधार पर करीब 2.25 लाख जनवितरण प्रणाली के लाभार्थियों का नाम राशन कार्ड से हटाना अमानवीय है। इसे गरीब विरोधी, अन्यायपूर्ण तथा संविधान की भावना के खिलाफ बताया है। शुक्रवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि राशन कार्ड किसी भी गरीब परिवार के लिए जीवन और भूख के बीच की सबसे अहम कड़ी है। ऐसे में मतदाता सूची पुनरीक्षण को आधार बनाकर बड़े पैमाने पर नाम काटना न केवल प्रशासनिक मनमानी है, बल्कि यह लाखों जरूरतमंद परिवारों को भूख और असुरक्षा की ओर धकेलने जैसा कदम है। भाकपा माले ने चेतावनी दी कि अगर इस गरीब विरोधी फैसले को वापस नहीं लिया गया, तो पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। सड़क से सदन तक जोरदार विरोध होगा।

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