बिहारशरीफ, सितम्बर 24 -- नालंदा के 3 समेत बिहार के 10 पर्यटक स्थल यूनेस्को की अस्थायी सूची में नालंदा महाविहार 2009 में शामिल हुआ था अस्थायी, तो 2016 में हुआ स्थायी सूची का हिस्सा किसी स्थल को विश्व धरोहर बनाने के लिए पहले उसका टेंटेटिव सूची में होना जरूरी फोटो : मणियार मठ : राजगीर का मणियार मठ। बिहारशरीफ, कार्यालय संवाददाता। जिस राह पर चलकर नालंदा महाविहार 2016 में विश्व धरोहर बना, उसी राह पर अब जिले के तीन और स्मारक हैं। यूनेस्को की अस्थायी सूची (टेंटेटिव लिस्ट) में नालंदा के तीन समेत बिहार के 10 स्थल अंतिम मान्यता का इंतजार कर रहे हैं। यूनेस्को के विश्व धरोहर केंद्र में भारत की ओर से दर्ज तीन प्रस्तावों में इनके नाम शामिल हैं। देशभर के कुल 73 स्थल फिलहाल इस सूची में हैं। नालंदा के लिए यह सफर नया नहीं है। प्राचीन नालंदा महाविहार 2009 मे...