बिहारशरीफ, दिसम्बर 23 -- नालंदा के इतिहास पर फिल्म बनी तो कमाल हो जाएगा: अखिलेन्द्र मिश्र अभिनेता अखिलेन्द्र मिश्र ने दिए संकेत- भविष्य की गोद में क्या पल रहा है, अभी नहीं कह सकता शोभना नारायण बोलीं- दुनिया उगते सूरज को पूजती है, बिहार डूबते को भी अर्घ्य देता है; यही हमारी कृतज्ञता प्रो. सिद्धार्थ सिंह - नालंदा में 7वीं सदी में ही सॉफ्ट डिप्लोमेसी और ग्लोबलाइजेशन मौजूद था फोटो: अखिलेन्द्र मिश्र: राजगीर के अंतरराष्ट्रीय समागम केंद्र में मंगलवार को नालंदा साहित्य उत्सव में अभिनेता अखिलेन्द्र मिश्र, नृत्यांगना शोभना नारायण, कुलपति प्रो. सिद्धार्थ सिंह व अन्य। राजगीर/बिहारशरीफ, हिन्दुस्तान टीम। 'नालंदा का इतिहास अपने आप में कमाल है। बचपन से मेरा सपना था यहाँ आने का। अब जब यहाँ आया हूं, तो हृदय में कुछ न कुछ चल रहा है। भविष्य की गोद में क्या प...