नई दिल्ली, अक्टूबर 28 -- नार्को-आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी से निपटने के लिए भारत ने वैश्विक स्तर पर साझा रणनीति विकसित करने की पहल की है। विभिन्न देशों के कानूनों में समानता लाना, अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट्स के खिलाफ कार्रवाई को प्रभावी बनाना और नशीले पदार्थों से होने वाली अवैध कमाई के जरिए आतंकवाद को मिलने वाली आर्थिक मदद पर रोक लगाने के लिए वैश्विक एजेंसियों से संपर्क साधा गया है। भारत का मानना है कि मादक पदार्थों की तस्करी अब केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं रह गई है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के वित्तपोषण और युवाओं के भविष्य से जुड़ी गंभीर चुनौती बन चुकी है। अलग-अलग देशों के कानूनों और प्रवर्तन व्यवस्थाओं में अंतर का फायदा उठाकर अंतरराष्ट्रीय गिरोह अपनी गतिविधियां जारी रखते हैं। ऐसे में इनके खिलाफ प्रभावी ...